Stories Of Premchand

चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी जन्मांतर कथा, Janmantar Katha - Story Written By Chandradhar Sharma Guleri

Informações:

Synopsis

एक कहिल नामक कबाड़ी था, जो काठ की कावड़ कंधे पर लिए-लिए फिरता था। उसकी सिंहला नामक स्त्री थी। उसने पति से कहा कि देवाधिदेव-युगादिदेव की पूजा करो, जिनसे जन्मांतर में दारिद्रय-दुख न पावें। पति ने कहा-- तू धर्म-गहली (पगली) हुई है, पर सेवक मैं क्या कर सकता हूँ? तब स्त्री ने नदी-जल और फूल से पूजा की। उसी दिन वह विषूचिका (हैजा) से मर गई और जन्मांतर में राजकन्या और राजपत्नी हुई। अपने नए पति के साथ उसी दिन मंदिर में आई तो उसी पूर्व पति दरिद्र कबाड़िए को वहाँ देखकर मूर्च्छित हो गई। उसी समय जातिस्मर (जिसे अपने पूर्व जन्म का हाल याद हो)होकर उसने एक दोहे में कहा-- जंगल की पत्ती और नदी का जल सुलभ था तो भी तू नहीं लाया। हाय! तेरे तन पर कपड़ा भी नहीं है और मैं रानी हो गई। कबाड़ी ने स्वीकार करके जन्मांतर कथा की पुष्टि की।